गोंधल क्या है? मराठी परंपरा से ऑस्कर तक

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  Gondhal Oscar 2027: मराठी फिल्म ‘गोंधल’ के भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री बनने के बाद महाराष्ट्र की एक पारंपरिक लोक-विधि भी चर्चा में आ गई है। आखिर गोंधल क्या है और इस परंपरा का फिल्म से क्या संबंध है? आइए समझते हैं। गोंधल आखिर होता क्या है? महाराष्ट्र में गोंधल एक पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान और लोक-प्रस्तुति है, जिसमें भक्ति, संगीत, गायन और नृत्य का मेल देखने को मिलता है। यह परंपरा कुछ परिवारों में कुलदेवता की पूजा और शुभ अवसरों से जुड़ी रही है। महाराष्ट्र के मराठी विश्वकोश के अनुसार, गोंधल देवी की स्तुति और पूजा से जुड़ा एक कुलाचार है। गोंधल की प्रस्तुति करने वाले कलाकारों को गोंधली कहा जाता है। पारंपरिक प्रस्तुति में देवी-देवताओं की स्तुति, लोकगीत, वाद्य संगीत और नृत्य शामिल होते हैं। शादी जैसे शुभ अवसरों पर भी होती है यह परंपरा गोंधल का संबंध महाराष्ट्र के कुछ परिवारों में विवाह और दूसरे मंगल अवसरों से रहा है। महाराष्ट्र सरकार के गजेटियर में भी इसका उल्लेख मिलता है कि शुभ अवसर के बाद देवी की पूजा और स्तुति के लिए गोंधल की प्रस्तुति की जाती थी। इस दौरान रात में संगीत और नृत्य ...

switzerland 57 किलोमीटर लंबी इस दोहरी सुरंग का नाम गोटहार्ड है


 57 किलोमीटर लंबी इस दोहरी सुरंग का नाम गोटहार्ड है जो आल्प्स पर्वतों के नीचे से उत्तरी और दक्षिणी यूरोप को तेज़ गति वाली रेल सेवा से जोड़ेगी.स्विट्ज़रलैंड का कहना है कि ये सुरंग यूरोप में मालवाहक परिवहन में क्रांतिकारी क़दम होगा.ये रेल लिंक नीदरलैंड्स के रोटरडैम और इटली के गेनोआ को जोड़ेगा.अभी तक इस मार्ग पर सामान की ढुलाई लाखों ट्रकों से होती रही है, लेकिन अब वो सामान इस सुरंग के ज़रिए रेल से जा सकेगा.

अभी तक दुनिया में सबसे लंबी सुरंग जापान की 53.9 किमी 'सेइकन रेल' सुरंग थी. लेकिन अब ये उपलब्धि गोटहार्ड के नाम हो गई है. फ्रांस और ब्रिटेन को जोड़ने वाली 50.5 किलोमीटर लंबी चैनल सुरंग अब तीसरे स्थान पर आ गई है.गोटहार्ड रेल सुरंग के भव्य उद्घाटन समारोह में स्विस अधिकारियों के साथ साथ जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और इटली के प्रधानमंत्री मैतो रेंज़ी भी मौजूद रहेंगे.स्विट्ज़रलैंड के फेडरल ट्रांसपोर्ट ऑफिस के निदेशक पीटर फ्यूगलिस्टर ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया, "यह स्विस पहचान का हिस्सा हैगोटहार्ड दुनिया की सबसे गहरी सुरंग है. ये धरातल से 2.3 किलोमीटर नीचे है, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक है. इसके ऊपर ऊंचे ऊंचे पहाड़ हैं.

गोटहार्ड सुरंग की खुदाई के दौरान इंजीनियरों को 73 विभिन्न प्रकार के पत्थरों की खुदाई करनी पड़ी. इनमें से कुछ ग्रेनाइट की तरह सख़्त और कुछ चीनी की तरह मुलायम थे. इस दौरान 2.8 करोड़ टन पत्थर निकाले गए.

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